खरीफ मौसम (जून–अक्टूबर) में अधिक नमी और गर्मी के कारण कीटों तथा रोगों का प्रकोप तेजी से बढ़ता है। धान, मक्का, सोयाबीन, कपास, अरहर और मूंग जैसी फसलों में इस समय विशेष सावधानी जरूरी होती है।
1. प्रमाणित एवं रोगमुक्त बीज का उपयोग करें
- केवल प्रमाणित बीज खरीदें।
- बुवाई से पहले बीज उपचार अवश्य करें।
- इससे शुरुआती कीट और रोगों का खतरा कम होता है।
- स्थानीय जलवायु के अनुसार अनुशंसित एवं उन्नत किस्मों का चयन करें।
- स्वस्थ बीज फसल की रोग एवं कीट प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
2. नियमित फसल निरीक्षण करें
- सप्ताह में कम से कम 2 बार खेत का निरीक्षण करें।
- पत्तियों, तनों और फूलों पर कीटों के लक्षण देखें।
- शुरुआती अवस्था में पहचान होने पर नुकसान कम होता है।
- खेत के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण करें, केवल किनारों का नहीं।
- प्रभावित पौधों को चिन्हित कर तुरंत आवश्यक नियंत्रण उपाय अपनाएं।
3. फेरोमोन एवं लाइट ट्रैप लगाएं
- कपास में गुलाबी सुंडी (Pink Bollworm) की निगरानी के लिए फेरोमोन ट्रैप लगाएं।
- धान और अन्य फसलों में लाइट ट्रैप उपयोगी हैं।
- इससे कीटों की संख्या का पता चलता है और नियंत्रण आसान होता है।
- मक्का में फॉल आर्मीवर्म की निगरानी के लिए भी फेरोमोन ट्रैप प्रभावी हैं।
- ट्रैप की नियमित सफाई और समय-समय पर ल्यूअर बदलना आवश्यक है।
4. खेत में जल निकासी की व्यवस्था रखें
- खरीफ 2026 में कई क्षेत्रों में अनियमित वर्षा की संभावना बताई गई है।
- खेत में पानी जमा होने से कीट और फफूंद रोग बढ़ते हैं।
- अतिरिक्त पानी निकालने के लिए नालियां बनाएं।
- जलभराव की स्थिति में पौधों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं।
- उचित जल निकासी से फसल का विकास बेहतर होता है।
5. खरपतवार नियंत्रण करें
- खरपतवार कीटों के छिपने और बढ़ने का स्थान बनते हैं।
- समय पर निराई-गुड़ाई करें।
- विशेषकर बुवाई के पहले 30–40 दिनों में खेत साफ रखें।
- खेत की मेड़ों और आसपास के क्षेत्रों को भी खरपतवार मुक्त रखें।
- खरपतवार नियंत्रण से पोषक तत्वों और पानी की बचत होती है।
6. संतुलित उर्वरक प्रयोग करें
- अत्यधिक नाइट्रोजन (यूरिया) देने से रस चूसने वाले कीट बढ़ सकते हैं।
- मृदा परीक्षण के आधार पर खाद दें।
- जैविक खाद और सूक्ष्म पोषक तत्वों का भी उपयोग करें।
- नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश का संतुलित प्रयोग करें।
- जैविक खाद के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता और पौधों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
7. जैविक नियंत्रण अपनाएं
- नीम तेल (1500–3000 ppm) का छिड़काव करें।
- ट्राइकोग्रामा, बवेरिया और अन्य जैविक एजेंट उपयोग कर सकते हैं।
- रासायनिक दवाओं पर पूरी तरह निर्भर न रहें।
- प्राकृतिक शत्रु कीटों जैसे लेडीबर्ड बीटल और मकड़ियों को संरक्षण दें।
- जैविक उपाय पर्यावरण और लाभकारी कीटों के लिए सुरक्षित होते हैं।
8. फसल चक्र (Crop Rotation) अपनाएं
- एक ही खेत में लगातार एक ही फसल लगाने से कीटों का प्रकोप बढ़ सकता है।
- फसल चक्र अपनाने से कीटों और रोगों का जीवन चक्र टूटता है।
- मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है।
- दलहनी और तिलहनी फसलों को शामिल करना लाभकारी होता है।
9. मौसम आधारित कृषि सलाह का पालन करें
- मौसम विभाग की कृषि सलाह पर नियमित नजर रखें।
- बारिश, तेज हवा या अधिक नमी की स्थिति में दवा छिड़काव से बचें।
- मौसम के अनुसार सिंचाई और कीट प्रबंधन की योजना बनाएं।
- समय पर जानकारी मिलने से नुकसान की संभावना कम होती है।
10. आवश्यकता पड़ने पर ही कीटनाशकों का प्रयोग करें
- आर्थिक क्षति स्तर (ETL) पहुंचने पर ही कीटनाशक का उपयोग करें।
- केवल अनुशंसित मात्रा और दवा का प्रयोग करें।
- अलग-अलग समूह की दवाओं का बारी-बारी से उपयोग करें ताकि प्रतिरोधक क्षमता विकसित न हो।
- छिड़काव करते समय सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें।
प्रमुख खरीफ फसलों के सामान्य कीट
| फसल | प्रमुख कीट |
|---|---|
| धान | तना छेदक, पत्ती लपेटक, भूरा फुदका |
| मक्का | फॉल आर्मीवर्म, तना छेदक |
| कपास | सफेद मक्खी, गुलाबी सुंडी, जेसिड |
| सोयाबीन | गर्डल बीटल, सेमीलूपर, तना मक्खी |
| अरहर | फली छेदक, माहू |
| मूंग/उड़द | सफेद मक्खी, माहू, थ्रिप्स |
2026 के लिए विशेष सलाह
इस वर्ष कई क्षेत्रों में मानसून की अनियमितता और वर्षा की कमी की आशंका जताई गई है। इसलिए खेत की नियमित निगरानी, नमी संरक्षण और कीट प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें।
- मल्चिंग अपनाकर मिट्टी की नमी बनाए रखें।
- बारिश के बाद फसलों का निरीक्षण अवश्य करें।
- कीटों के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर तुरंत कार्रवाई करें।
- कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) या कृषि विशेषज्ञों से समय-समय पर सलाह लेते रहें।
- खेत में पीले एवं नीले स्टिकी ट्रैप लगाकर रस चूसने वाले कीटों की निगरानी करें।
- सामूहिक कीट प्रबंधन अपनाने से पूरे क्षेत्र में कीटों का दबाव कम किया जा सकता है।
प्रश्न 1: खरीफ मौसम में कौन-कौन से कीट अधिक नुकसान पहुंचाते हैं?
उत्तर: तना छेदक, पत्ती लपेटक, माहू और सफेद मक्खी प्रमुख कीट हैं।
प्रश्न 2: कीट नियंत्रण के लिए सबसे अच्छा समय कौन सा है?
उत्तर: कीटों की शुरुआती अवस्था में नियंत्रण करना सबसे प्रभावी होता है।

