मध्य प्रदेश के किसानों के लिए खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ गई है। राज्य में समर्थन मूल्य यानी MSP पर धान, ज्वार और बाजरा की उपज बेचने के लिए किसान पंजीयन प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। किसान निर्धारित केंद्रों पर जाकर 10 अक्टूबर 2026 तक पंजीयन करा सकते हैं।
सरकार की ई-उपार्जन व्यवस्था के माध्यम से पंजीयन, स्लॉट बुकिंग, उपज की खरीद और भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसलिए जो किसान अपनी धान, ज्वार या बाजरा की फसल समर्थन मूल्य पर बेचना चाहते हैं, उनके लिए समय पर पंजीयन कराना जरूरी है।
इस लेख में जानिए 2026-27 में खरीफ फसलों का MSP कितना है, किन फसलों के लिए वर्तमान में पंजीयन हो रहा है, किसान पंजीयन कैसे करें, कौन से दस्तावेज लगेंगे और भुगतान कैसे मिलेगा।
मध्य प्रदेश में खरीफ उपार्जन 2026-27 कब शुरू हुआ?
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए मध्य प्रदेश में धान, ज्वार और बाजरा के समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिए किसान पंजीयन 15 सितंबर 2026 से शुरू हुआ है।
पंजीयन की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। अलग-अलग जिलों में पंजीयन केंद्रों की संख्या और स्थान जिला उपार्जन समिति द्वारा निर्धारित किए जा रहे हैं।
इसलिए किसानों को अंतिम तारीख का इंतजार नहीं करना चाहिए। पंजीयन के दौरान भूमि रिकॉर्ड, आधार और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी का सत्यापन किया जाता है। दस्तावेजों में किसी तरह की गलती होने पर सुधार और सत्यापन में समय लग सकता है।
2026-27 में खरीफ फसलों का MSP कितना है?
केंद्र सरकार ने विपणन मौसम 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को मंजूरी दी है। इनमें धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, रागी, अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन, सूरजमुखी, तिल, नाइजरसीड और कपास शामिल हैं।
खरीफ फसलों का MSP 2026-27
| फसल | MSP 2026-27 प्रति क्विंटल |
|---|---|
| धान सामान्य | ₹2,441 |
| धान ग्रेड-A | ₹2,461 |
| ज्वार हाइब्रिड | ₹4,023 |
| ज्वार मालदांडी | ₹4,073 |
| बाजरा | ₹2,900 |
| मक्का | ₹2,410 |
| रागी | ₹5,205 |
| अरहर/तूर | ₹8,450 |
| मूंग | ₹8,780 |
| उड़द | ₹8,200 |
| मूंगफली | ₹7,517 |
| सोयाबीन पीला | ₹5,708 |
| सूरजमुखी | ₹8,343 |
| तिल | ₹10,346 |
| नाइजरसीड | ₹10,052 |
इन दरों को केंद्र सरकार ने विपणन मौसम 2026-27 के लिए मंजूरी दी है। सूरजमुखी के MSP में पिछले वर्ष की तुलना में ₹622 प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है, जबकि कपास और नाइजरसीड जैसी फसलों में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
ध्यान दें: किसी फसल का MSP घोषित होना और मध्य प्रदेश में उस फसल की सरकारी खरीद का कार्यक्रम एक ही बात नहीं है। राज्य में किस फसल की खरीद किस योजना के तहत होगी, इसके लिए संबंधित सरकारी आदेश और ई-उपार्जन की जानकारी देखना जरूरी है।
अभी किन फसलों के लिए MP में पंजीयन हो रहा है?
वर्तमान में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत मध्य प्रदेश में धान, ज्वार और बाजरा को समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए किसान पंजीयन कराया जा रहा है। पंजीयन की अवधि 15 सितंबर से 10 अक्टूबर 2026 तक है।
इसलिए यदि आपने धान, ज्वार या बाजरा बोया है और उसे सरकारी उपार्जन व्यवस्था के माध्यम से MSP पर बेचना चाहते हैं, तो पंजीयन की प्रक्रिया समय पर पूरी करें।
दूसरी ओर, सोयाबीन, मक्का, अरहर, मूंग और अन्य खरीफ फसलों के लिए MSP घोषित होना अलग विषय है। इन फसलों की खरीद राज्य में किस योजना या व्यवस्था के तहत होगी, इसकी जानकारी संबंधित सरकारी आदेश के अनुसार देखनी चाहिए।
किसान पंजीयन कहां करा सकते हैं?
मध्य प्रदेश में किसानों को पंजीयन के लिए कई विकल्प दिए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसान इन स्थानों पर पंजीयन करा सकते हैं:
- ग्राम पंचायत में स्थापित सुविधा केंद्र
- जनपद पंचायत कार्यालय
- तहसील कार्यालय
- सहकारी समितियां
- सहकारी संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्र
- MP Online कियोस्क
- Common Service Centre यानी CSC
- लोक सेवा केंद्र
- निर्धारित निजी साइबर कैफे
निःशुल्क पंजीयन के लिए निर्धारित सरकारी और सहकारी केंद्रों की सुविधा उपलब्ध है। वहीं MP Online, CSC, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे जैसे निर्धारित सशुल्क केंद्रों पर अधिकतम ₹50 तक पंजीयन शुल्क लिया जा सकता है।
किसान पंजीयन के लिए जरूरी दस्तावेज
पंजीयन कराने से पहले किसान को जरूरी दस्तावेज और जानकारी तैयार रखनी चाहिए। सामान्य रूप से निम्न जानकारी की जरूरत पड़ सकती है:
- आधार कार्ड
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर
- समग्र आईडी
- बैंक पासबुक
- बैंक खाता संख्या
- IFSC कोड
- भूमि संबंधी दस्तावेज
- खसरा एवं खाते की जानकारी
- फसल की जानकारी
- अन्य आवश्यक फोटो पहचान पत्र
पंजीयन के दौरान किसान की पहचान और भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाता है। इसलिए दस्तावेजों में दर्ज नाम और जानकारी सही होना जरूरी है।
आधार सत्यापन क्यों जरूरी है?
समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए किसान का आधार सत्यापन महत्वपूर्ण है। यह सत्यापन आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP या बायोमेट्रिक माध्यम से किया जा सकता है।
इसके साथ ही भू-अभिलेख या एग्रीस्टेक में दर्ज किसान के नाम और आधार कार्ड में दर्ज नाम का मिलान भी किया जाता है।
यदि दोनों जगह नाम में अंतर पाया जाता है, तो पंजीयन को संबंधित राजस्व अधिकारी के माध्यम से सत्यापित कराने की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए किसान को पंजीयन से पहले अपने भूमि रिकॉर्ड और आधार की जानकारी जांच लेनी चाहिए।
फसल की जानकारी भी सही भरना जरूरी
किसान पंजीयन में बोई गई फसल और संबंधित भूमि की जानकारी महत्वपूर्ण होती है। उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी के अनुसार पंजीयन में फसल संबंधी जानकारी ई-गिरदावरी और भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी व्यवस्था के आधार पर ली जाती है।
यदि किसान के रिकॉर्ड में फसल या रकबे से जुड़ी कोई गलती है, तो समय रहते संबंधित पटवारी या राजस्व कार्यालय से जानकारी की जांच करानी चाहिए।
गलत फसल विवरण होने पर बाद में उपज बेचने के समय समस्या आ सकती है।
ई-उपार्जन पोर्टल से क्या-क्या होता है?
मध्य प्रदेश का ई-उपार्जन पोर्टल समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद की प्रक्रिया को ऑनलाइन संचालित करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
इस व्यवस्था में मुख्य रूप से ये चरण शामिल हैं:
किसान पंजीयन → स्लॉट बुकिंग → उपार्जन केंद्र पर उपज की बिक्री → उपज की प्राप्ति → परिवहन और संग्रहण → भुगतान
ई-उपार्जन पोर्टल के अनुसार किसान पंजीयन के बाद अपनी उपज बेचने के लिए स्लॉट बुक कर सकते हैं। उपज बेचने के बाद किसान को पावती भी दी जाती है।
उपज बेचने से पहले किसान क्या करें?
किसान को उपज बेचने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
सबसे पहले पंजीयन की जानकारी सही है या नहीं, यह जांचें। इसके बाद उपज की मात्रा और गुणवत्ता पर ध्यान दें। सरकारी खरीद में निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा करना जरूरी होता है।
उपज को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके निर्धारित केंद्र पर ले जाना चाहिए। गीली, खराब या निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं करने वाली उपज के संबंध में केंद्र पर समस्या आ सकती है।
स्लॉट मिलने के बाद किसान को निर्धारित तारीख और केंद्र की जानकारी ध्यान से देखनी चाहिए।
भुगतान कैसे मिलेगा?
ई-उपार्जन व्यवस्था में उपज बेचने के बाद भुगतान किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भेजा जाता है। ई-उपार्जन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार विक्रय की गई उपज की राशि पंजीकृत आधार-लिंक बैंक खाते में जमा की जाती है।
इसलिए किसान को पंजीयन के समय बैंक खाते की जानकारी सही देनी चाहिए। बैंक खाता सक्रिय होना और आवश्यक लिंकिंग पूरी होना भी जरूरी है।
पंजीयन के दौरान बैंक खाते के सत्यापन की प्रक्रिया भी की जा सकती है। इसलिए किसान को बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर की जानकारी साथ रखना चाहिए।
किसानों के लिए जरूरी सावधानियां
समर्थन मूल्य पर उपज बेचने से पहले इन बातों का ध्यान रखें:
- 10 अक्टूबर 2026 से पहले पंजीयन पूरा करें।
- आधार और मोबाइल नंबर की जानकारी सही रखें।
- बैंक खाता और IFSC की जानकारी जांच लें।
- भूमि रिकॉर्ड में नाम और खसरा विवरण जांचें।
- पंजीयन में बोई गई फसल की सही जानकारी दें।
- पंजीयन की पावती संभालकर रखें।
- स्लॉट बुकिंग की तारीख और केंद्र की जानकारी जांचें।
- उपज को निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार तैयार करें।
- उपज बेचने के बाद मिली पावती सुरक्षित रखें।
- किसी समस्या की स्थिति में संबंधित पंजीयन केंद्र, सहकारी समिति या स्थानीय कृषि/राजस्व कार्यालय से संपर्क करें।
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए निष्कर्ष
मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार और बाजरा की उपज बेचने के लिए किसान पंजीयन प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू हो चुकी है और 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगी।
किसानों को अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द अपना पंजीयन पूरा कर लेना चाहिए। पंजीयन के समय आधार, बैंक खाता, भूमि रिकॉर्ड और फसल की जानकारी सही होना बहुत जरूरी है।
सरकार द्वारा खरीफ 2026-27 की 14 प्रमुख फसलों के MSP में बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, MSP घोषित होने का अर्थ यह नहीं है कि हर फसल की खरीद हर राज्य में एक जैसी सरकारी व्यवस्था के तहत होगी। मध्य प्रदेश में किसी फसल के उपार्जन की तारीख, पंजीयन और खरीद व्यवस्था के लिए राज्य सरकार तथा ई-उपार्जन पोर्टल की नवीनतम सूचना को ही आधार बनाना चाहिए।
आधिकारिक जानकारी के लिए
किसान पंजीयन और उपार्जन से संबंधित जानकारी के लिए मध्य प्रदेश के आधिकारिक ई-उपार्जन पोर्टल को देखें: mpeuparjan.nic.in
पोर्टल पर खरीफ 2026-27 से संबंधित पंजीयन और उपार्जन की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
FAQ
मध्य प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान, ज्वार और बाजरा की समर्थन मूल्य पर बिक्री हेतु किसान पंजीयन 15 सितंबर 2026 से शुरू हुआ है। पंजीयन की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर 2026 है।
किसान 10 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित पंजीयन केंद्रों पर खरीफ फसलों के लिए पंजीयन करा सकते हैं।
विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान सामान्य का MSP ₹2,441 प्रति क्विंटल और ग्रेड-A धान का MSP ₹2,461 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
किसान निर्धारित सहकारी समितियों, ग्राम पंचायत सुविधा केंद्र, MP Online कियोस्क, CSC, लोक सेवा केंद्र और अन्य निर्धारित पंजीयन केंद्रों पर पंजीयन करा सकते हैं।
पंजीयन के लिए आधार कार्ड, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी, भूमि रिकॉर्ड, खसरा एवं खाते की जानकारी और फसल संबंधी जानकारी की आवश्यकता हो सकती है।


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Fyu
Panjiyan
Panjiyan suru Ho Gye hai